इस कानून के लागू होने के बाद खाली फ्लैटों में से 60-80 फीसद किराये के बाजार में आ जाएंगे। इससे रियल एस्टेट डेवलपर्स अपने नहीं बिक पाए आवासों को किराये के आवास में भी बदल सकते हैं। इसका उद्देश्य केंद्र और राज्यों के स्वामित्व वाले लाखों फ्लैटों को बहुत सस्ते किराये पर प्रवासी श्रमिकों के लिए किराये के आवास में परिवर्तित करना है।
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