आज किसी भी पद के लिए आवेदन से लेकर उसकी परीक्षा की तैयारी तक विद्यार्थियों को कितने पापड़ बेलने पड़ते हैं, यह दुविधा प्रतियोगी ही जानते हैं। अलग-अलग पदों के लिए तैयारियों के साथ ही आर्थिक नुकसान भी उन्हें उठाना पड़ता है। सरकार ने उनके दुख को समझते हुए राष्ट्रीय भर्ती एजेंसी की घोषणा की है, जो सौ बीमारी के एक इलाज के समान है।
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