निवर्तमान आयुक्त अशोक लवासा ने हालांकि, यह कहते हुए एक बहुमत के फैसले के विपरीत आदेश लिखा कि दोनों गुटों में से किसी को भी केसी (एम) के रूप में मान्यता नहीं दी जा सकती है जब तक कि उनसे इस समर्थन में नए हलफनामे देनेको नहीं कहा जाता है।
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