Sunday, 26 July 2020

संपादकीय: बेरोजगारी का आलम

गरीबी और भुखमरी झेल रहे इलाकों मेें बच्चियों की खरीद-बिक्री और तस्करी पर रोक लगाना बड़ी चुनौती है। अनेक अध्ययन और मानवाधिकार कार्यकर्ता सिफारिश कर चुके हैं कि असम, पश्चिम बंगाल, ओड़ीशा, झारखंड के कुछ इलाकों में जिन्हें दो वक्त का भोजन भी उपलब्ध नहीं हो पाता, वे अपनी बच्चियों को मानव तस्करों के हाथों बेचने पर मजबूर होते हैं। अगर ऐसे परिवारों की पहचान कर उनके भोजन की व्यवस्था की जा सके, तो बच्चों की तस्करी पर रोक लगाई जा सकती है।

from Jansattaराष्ट्रीय – Jansatta https://ift.tt/39x8W9i
via

No comments:

Post a Comment