चौरासी कोस परिक्रमा के तहत राजस्थान की सीमा में इस स्थान से करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर मौजूद गांव विलोंद के निकट एक पर्वत पर भगवान केदारनाथ शेषनाग रूपी एक विशाल श्वेत पत्थर की चट्टान के नीचे छोटी से गुफा में विराजमान हैं। इस चट्टान की तलहटी में गौरीकुंड स्थित है। इस कुंड के जल से जलाभिषेक करने का विशेष महत्व है। मंदिर करीब 500 फुट की ऊंचाई पर है और करीब साढ़े चार सौ सीढ़ियां चढ़कर श्रद्धालु दर्शनों के लिए मंदिर तक पहुंचते हैं। गुफानुमा मंदिर में पत्थर से बना विचित्र शिवलिंग है। लाल पत्थर के शिवलिंग में भगवान शिव के तीनों नेत्र, मस्तक, मुख, नाक, होंठ, चन्द्रमा, गंगा नदी, कुण्डल, सांप और रुद्राक्ष की माला इत्यादि स्पष्ट दिखाई देते हैं।
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