Saturday, 18 July 2020

हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्वीन पर अब भी संदेह, कोई बताए कि इस मर्ज की दवा क्या है; रेमडेसिविर की भूमिका का पता लगाना बाकी

नेशनल इंस्टीट्यूट्स आफ हेल्थ के डॉ. एंथनी फाउची और एच. क्लिफोर्ड लेन ने ‘न्यू इंग्लैंड जर्नल आफ मेडिसिन’ में लिखा कि इस बात को लेकर स्पष्टता जरूरी है कि कि कौन-सी दवा लाभकारी है और कौन-सी नहीं, इससे ‘संभवत कई जिंदगियां बचाई जा सकेंगी।’ अध्ययन में हाइड्रॉक्सिक्लोरोक्वीन की भी जांच की गई और अनुसंधानकर्ताओं ने कहा कि जिन लोगों को यह दवा दी गई थी उनमें से 25.7 फीसद मरीजों की 28 दिनों बाद मौत हो गई।

from JansattaJansatta https://ift.tt/2CKltu2
via

No comments:

Post a Comment