90 के दशक के अंत तक आते आते फिल्मी डांस एक्सरसाइज बन गए थे। उनमें मुद्राओं का लोप हो गया था। तीन राष्ट्रीय और आठ फिल्म फेयर पुरस्कार जीतने वाली सरोज खान ने नीचे जाते फिल्मी नाच को बचाने की भरसक कोशिशें की। मगर बदलाव की तेज बयार ने उन्हें हाशिए पर डाल दिया था।
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