यह दुखद है कि भारत में अब जैव विविधता नष्ट होने, जलवायु परिवर्तन और बढ़ते तापमान के दुष्परिणाम तेजी से सामने आ रहे हैं। फिर भी पिछले एक दशक के दौरान विभिन्न विकास परियोजनाओं, खनन और उद्योगों के लिए अड़तीस करोड़ से ज्यादा पेड़ काट डाले गए। विश्व के पर्यावरण संरक्षण सूचकांक में एक सौ अस्सी देशों की सूची में भारत एक सौ सतहत्तर वें स्थान पर है।
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