प्राणोजस क्रिया शरीर में प्राणशक्ति को बढ़ाकर शरीर के प्रत्येक अंग को नई ऊर्जा प्रदान करती है। शरीर के अंदर जो भी दूषित मानसिकता और भावनात्मक अशुद्धि है, वह उसे निकालकर रिक्त स्थान पैदा करती है। रिक्त स्थान पैदा होने के बाद प्राणोजस क्रिया के द्वारा शरीर में गहराई तक ‘ओज’ (लाइफ एनर्जी) दौड़ने लगती है।
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