आयोग का कहना है कि वर्तमान आया सीमा को 8 लाख से बढ़ाकर 16 लाख कर दिया जाए। इससे पहले आयोग ने सरकार के 12 लाख रुपये करने के प्रस्ताव का विरोध किया था। मालूम हो कि अन्य पिछड़ा वर्ग के लोगों को शैक्षणिक संस्थानों और सरकारी नौकरियों में 27 प्रतिशत आरक्षण पाने के योग्य हैं, बशर्ते वे क्रीमी लेयर की श्रेणी में ना आते हों।
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