अनुभव और वरिष्ठता को मापदंड मानें तो भाजपा में ज्यादातर नेता त्रिवेंद्र सिंह रावत से वरिष्ठ हैं। सतपाल महाराज हों या विजय बहुगुणा, मदन कौशिक हों या रमेश पोखरियाल निशंक, सब कद्दावर ठहरे। बीमार न पड़े होते तो त्रिवेंद्र सिंह रावत पर तो अनिल बलूनी ही भारी पड़ जाते।
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