दरअसल, चुशूल में दोनों देशों के जनरलों के बीच हुई बैठक में इस इलाके को खाली करने पर सहमति बनी थी। गलवान क्षेत्र खतरनाक है, लेकिन यह इलाका मौजूदा घटनाक्रम में दोनों देशों के लिए प्रतिष्ठा का मुद्दा बन गया। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार परिषद से जुड़े पूर्व राजदूत पी स्टॉपडन के मुताबिक, चीन की तरफ से वहां सीमा संधि का प्रत्यक्ष उल्लंघन किया गया है, लेकिन चीन अपनी नीतियों के अनुसार हेकड़ी दिखा रहा है।
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