उसने कहा था’ में एक सवाल शुरू से आखिर तक गूंजता रहता है कि उसने आखिर कहा क्या था? इसका जवाब तब मिलता है, जब कहानी का अंत हो रहा होता है यानी जब फ्रेंच-जर्मन युद्ध में स्वयं बुुरी तरह घायल हुआ लहना सिंह अपने घावों को छिपाकर घायल हुए सूबेदार व बुखार में तपते उसके बेटे बोध सिंह को पास के फौजी अस्पताल में इलाज के लिए भेजता है।
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