लंगर में किसी भी दिशा से आने वाले किसी भी व्यक्ति का धर्म, जात पात, नस्ल, कौम, रंग, गरीबी-अमीरी या उसकी सामाजिक हैसियत को नहीं देखा जाता और ना ही पूछा जाता है। सभी को बेहद श्रद्धा से बिल्कुल मुफ्त शुद्ध शाकाहारी भोजन परोसा जाता है। सभी लोग संगत और पंगत के सिद्धांत पर चलते हुए एक ही कतार में बैठ कर बिना किसी ऊंच नीच के भोजन छकते हैं।
from JansattaJansatta https://ift.tt/3dH8AOJ
via
No comments:
Post a Comment