Friday, 20 March 2020

चौपाल : न्याय की राह

इस जघन्य मुकदमे की परिणति सात वर्ष तीन माह बाद होने से स्थापित मान्यता पुन: दुहराया गया कि न्याय-मंदिर में देर भले हो, लेकिन अंधेर नहीं। समय का तकाजा है कि मुकदमे में व्याप्त जटिलताएं, जिसने लघु दूरी तय करने में अथक समय नष्ट कर अंतिम न्यायिक निर्णय की डोर को मुट्ठी में बांधे रखा, को समाप्त करने की दिशा में नितांत कार्रवाई की आवश्यकता है।

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