हाथ से कार्य कर कौशल सीखने की सार्वभौमिक आवश्यकता गांधी की शिक्षा संकल्पना का मूल आधार थी। कितनी देर लगी इसे पहचानने में! पांच वर्ष पहले देश में पहली बार कौशल विकास मंत्रालय बना। यदि कृषि के महत्त्व को स्वीकार किया गया होता, कौशल विकास को अपनाया गया होता, ग्राम समाज की मूलभूत आवश्यकताओं को पहचाना गया होता, तो आज देश में बेरोजगारी बढ़ नहीं रही होती, गांव खाली नहीं हो रहे होते और शहरों में झुग्गियां लगातार बढ़ नहीं रही होतीं।
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