अनुसंधान के क्षेत्र में तो यह सब आए दिन होता रहता है। कई बीमारियों के सटीक उपचार के हमारे दावे उन गली-कूचों में घूमने वाले नीम-हकीमों की तरह थोथे निकलते हैं जो बचपन की गलतियों से पैदा हुए यौन विकारों और कमजोरियों की दवाइयां बेचते हैं।
from JansattaJansatta https://ift.tt/2uiOSaE
via
No comments:
Post a Comment