Wednesday, 29 January 2020

विस्थापित कश्मीरी पंडितों पर तो सरकार मेहरबान, पर जो मजबूरी में वहीं रहे उन्हें साल रहा टिके रहने का दर्द- पीड़ितों की आपबीती

जो कश्मीरी पंडित विस्थापित हुए उनपर तो सरकारें मेहरबान रहीं। हालांकि कुछ ऐसे भी परिवार थे जो इन हिंसक घटनाओं के बाद भी कश्मीर छोड़कर नहीं गए और उन्होंने अपने घरों में ही रहना पसंद किया। आज इन परिवारों की स्थिति बहुत अच्छी नहीं है।

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