जेल प्रशासन की ओर से भी इस बारे में चुनाव से पहले तक ज्यादा कुछ नहीं कहा गया। इसी तरह दो कैदियों ने अभी तक क्योरेटिव पिटीशन (सुधार याचिका) का सहारा लिया। जबकि दो कैदियों ने अभी तक यह याचिका नहीं डाली है।
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